तसवीर बनाता हूँ , तसवीर नहीं बनती
एक ख्वाब सा देखा है, ताबीर नहीं बनती,
तसवीर नहीं बनती
बेदर्द मुहब्बत का, इतना सा है अफसाना
नज़रों से मिली नज़रें , मैं हो गया दीवाना।
अब दिल के बहलाने की,
तदबीर नहीं बनती,
तसवीर नहीं बनती तसवीर बनाता हूँ ...
दम भर के लिए मेरी,
दुनिया में चले आओ
तरसी हुई आंखों को,
फिर शक्ल दिखा जाओ
मुझसे तो मेरी बिगड़ी ,
तकदीर नहीं बनती,
तसवीर नहीं बनती
तसवीर बनाता हूँ!
Another song which is also very close to my heart,
दिल से तुझको बेदिली है
मुझको है दिल का गुरूर
तू यह माने के या न माने
लोग मानेंगे ज़रूर
ये मेरा दीवानापन है
या मोहब्बत का सुरूर
तू न पहचाने तो है यह
तेरी नज़रों का कुसूर
ये मेरा दीवानापन ...
दिल को तेरी ही तमन्ना
दिल को है तुझसे ही प्यार
चाहे तू आये न आये
हम करेंगे इन्तज़ार
ऐसे वीराने में एक दिन
घुट के मर जायेंगे हम
जितना जी चाहे पुकारो
फिर नहीं आयेंगे हम
ये मेरा दीवानापन...
ए दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहां
कोई न हो अपना पराया मेहरबान
ना-मेहरबान कोई न हो
ए दिल मुझे ऐसी जगह ले चल
जा कर कही खो जाऊ मैं,
नींद आये और सो जाऊ मैं
नींद आये और सो जाऊ मैं
दुनिया मुझे ढूंढें मगर मेरा
निशाँ कोई न हो ए दिल मुझे
ऐसी जगह ले चल...
उल्फत का बदला मिल गया,
वो गम लुटा वो दिल गया
वो गम लुटा वो दिल
गया चलना हैं सब से दूर दूर
अब कारवाँ कोई न हो अपना
पराया मेहरबान ना-मेहरबान कोई
न हो ए दिल मुझे
ऐसी जगह ले चल..
I am in a little hurry, I will be writing more in a couple of days, till than keep reading and do comment!
0 comments:
Post a Comment